
जल संवर्धन में फिर नंबर वन बनने की तैयारी: गंगा दशहरा पर नागचुन में चला वृहद जल गंगा संवर्धन अभियान
महापौर, विधायक और कलेक्टर ने किया श्रमदान, 16 हजार जल संरक्षण गड्ढों के निर्माण के साथ दिया जल बचाने का संदेश
खंडवा। “जल ही जीवन है, जल है तो कल है” के संदेश के साथ गंगा दशहरा के पावन अवसर पर ग्राम नागचुन में वृहद “जल गंगा संवर्धन अभियान” का आयोजन किया गया। नगर निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस जनभागीदारी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने श्रमदान कर जल संरक्षण का संकल्प लिया। अभियान के तहत हजारों वाटर रिचार्ज गड्ढों का निर्माण किया गया।
समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि गर्मी के मौसम में देशभर में जल संकट की स्थिति देखने को मिलती है। ऐसे में वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोकना और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से ग्राम नागचुन में “जल गंगा संवर्धन अभियान” अंतर्गत जल संवर्धन एवं जल संचय जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में खंडवा विधायक कंचन मुकेश तंवे, महापौर अमृता अमर यादव, परिषद अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन गौड़ा, नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमदान
अभियान के दौरान जल संचय के लिए हजारों वाटर रिचार्ज गड्ढों का निर्माण किया गया। विधायक कंचन तंवे, महापौर अमृता अमर यादव और कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने स्वयं गड्ढे खोदकर श्रमदान किया तथा लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सुनील जैन ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 16 हजार जल संरक्षण गड्ढों का निर्माण किया गया है, जो भविष्य में भूजल स्तर बढ़ाने में सहायक होंगे।
“जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना जरूरी”
विधायक कंचन तंवे ने गंगा दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पूरे मध्यप्रदेश में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने कहा कि जल बचाना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है और जनभागीदारी से ही जल संकट का समाधान संभव है।
उन्होंने कहा कि खंडवा जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि विगत वर्ष “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था। यह उपलब्धि आमजन की सहभागिता और श्रमदान का परिणाम है।
“जल है तो कल है”
महापौर अमृता अमर यादव ने कहा कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण के लगातार प्रयासों का ही परिणाम है कि जिन ट्यूबवेलों में पहले मार्च-अप्रैल में पानी खत्म हो जाता था, उनमें अब भी पानी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा जल संरक्षण को लेकर बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इसमें आमजन की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
खंडवा को फिर नंबर वन बनाने का लक्ष्य
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि पिछले वर्ष सभी के सामूहिक प्रयासों से खंडवा जिला जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अव्वल रहा था। इसी तरह इस वर्ष भी पूरे जिले में बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं, ताकि खंडवा फिर से नंबर वन बन सके।
कार्यक्रम में सेवादास पटेल, दिनेश पालीवाल, गणेश गुरबानी, राजेश यादव, महेंद्र यादव, सरपंच सौरभ चौरे, श्रृंगी उपाध्याय, निगम उपायुक्त सचिन सितोले, वर्षा धीधोडे, राधेश्याम उपाध्याय, संजय शुक्ला नवनीत शुक्ला सहित सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारीगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।






